राजस्थान सीईटी परीक्षा 2026 को लेकर अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से समान पात्रता परीक्षा (CET) सीनियर सेकेंडरी और स्नातक स्तर दोनों में नॉर्मलाइजेशन लागू किया जाएगा। अलग-अलग पारियों में आयोजित होने वाली परीक्षा के प्रश्न पत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर को संतुलित करने के लिए अंकों का नॉर्मलाइजेशन किया जाएगा। इसके आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार होगी। इस बार सीईटी परीक्षा में 40 लाख से अधिक आवेदन आने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में लाखों अभ्यर्थियों की नजर परीक्षा तिथि, परिणाम और मेरिट सूची पर बनी हुई है।
राजस्थान सीईटी 2026 में नॉर्मलाइजेशन को लेकर बड़ी अपडेट
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अनुसार, सीईटी सीनियर सेकेंडरी और स्नातक स्तर की परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया लागू रहेगी। इसका उद्देश्य अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के अंकों को तुलनीय बनाना है, ताकि प्रश्न पत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर का प्रभाव कम किया जा सके।
राजस्थान सीईटी सीनियर सेकेंडरी परीक्षा कब होगी?
सीईटी सीनियर सेकेंडरी स्तर की परीक्षा 1 दिसंबर से 3 दिसंबर 2026 तक प्रस्तावित बताई गई है। परीक्षा तीन दिनों में छह शिफ्ट में आयोजित होने की संभावना है। हालांकि, अभ्यर्थियों को परीक्षा की अंतिम तारीख और शिफ्ट से संबंधित जानकारी के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।
सीईटी सीनियर सेकेंडरी के लिए कितने आवेदन आए?
प्रकाशित समाचार के अनुसार, सीईटी सीनियर सेकेंडरी स्तर की परीक्षा के लिए लगभग 23.56 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 12 हजार अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन वापस लेने की जानकारी भी दी गई है। वहीं, स्नातक स्तर की सीईटी परीक्षा जनवरी 2027 में प्रस्तावित बताई गई है, जिसके लिए करीब 17.15 लाख आवेदन आने का उल्लेख है।
सीईटी से किन भर्तियों का रास्ता खुलेगा?
सीईटी सीनियर सेकेंडरी स्तर के आधार पर वनपाल, पुलिस कांस्टेबल, जमादार ग्रेड द्वितीय, छात्रावास अधीक्षक, लिपिक ग्रेड द्वितीय और कनिष्ठ सहायक सहित विभिन्न पदों की भर्तियों में अवसर मिल सकता है।
वहीं, स्नातक स्तर की सीईटी के आधार पर पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ), कनिष्ठ लेखाकार, तहसील राजस्व लेखाकार, प्लाटून कमांडर, उप जेलर और पर्यवेक्षक जैसे पदों की भर्तियों का रास्ता खुल सकता है। संबंधित भर्ती की पात्रता और सीईटी की अनिवार्यता उसके आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार निर्धारित होगी।
गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक कटेंगे
समाचार में दी गई जानकारी के अनुसार, गलत उत्तर देने पर एक-तिहाई अंक काटे जाने का प्रावधान बताया गया है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 35 प्रतिशत अंक प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई है। सीईटी स्कोर की वैधता तीन वर्ष बताई गई है। इन नियमों की पुष्टि के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित परीक्षा की आधिकारिक अधिसूचना अवश्य देखनी चाहिए।
राजस्थान सीईटी 2026: अभ्यर्थी इन बातों का रखें ध्यान
सीईटी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी परीक्षा की आधिकारिक तारीख, प्रवेश पत्र, परीक्षा केंद्र और नॉर्मलाइजेशन से जुड़े नियमों पर नजर रखें। परीक्षा में शामिल होने से पहले पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी करें। भर्ती के लिए केवल सीईटी में शामिल होना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए; संबंधित पद की भर्ती प्रक्रिया और पात्रता की शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
