Rajasthan Solar Panel Subsidy 2026: राजस्थान में सोलर पैनल लगवाने पर ₹95,000 तक सब्सिडी

राजस्थान में घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने वाले घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पात्र आवासीय उपभोक्ताओं को अधिकतम ₹78,000 तक की केंद्रीय सब्सिडी मिल सकती है। इसके साथ ही राजस्थान में निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले कुछ उपभोक्ताओं को राज्य सरकार की ओर से ₹17,000 की अतिरिक्त सहायता भी दी जा रही है।

इस तरह पात्र परिवारों को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने पर कुल मिलाकर ₹95,000 तक का लाभ मिल सकता है। हालांकि यह राशि राजस्थान के प्रत्येक घरेलू बिजली उपभोक्ता को नहीं मिलेगी। ₹17,000 की राज्य सहायता के लिए उपभोक्ता का निर्धारित योजना में पंजीकरण और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी है। अगर आप भी अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे हैं, तो यहां Rajasthan Solar Panel Subsidy 2026 की सब्सिडी, पात्रता, 150 यूनिट मुफ्त बिजली और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गई है।

Rajasthan Solar Panel Subsidy 2026 का संक्षिप्त विवरण

DetailsInformation
Scheme NamePM Surya Ghar Muft Bijli Yojana
Rajasthan Related Scheme150 Unit Per Month Free Electricity Scheme
BeneficiaryEligible Domestic Electricity Consumers
Central SubsidyUp to ₹78,000
Rajasthan Government Assistance₹17,000
Total Possible AssistanceUp to ₹95,000
Minimum Solar Capacity for State Benefit1.1 KW
Application ModeOnline
Central Portalpmsuryaghar.gov.in
Rajasthan Eligibility Portal150unitmuftbijli.bijlimitra.com

राजस्थान में सोलर पैनल लगवाने वाले पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र की सब्सिडी के साथ राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता का लाभ मिल सकता है। लेकिन ₹95,000 तक की कुल सहायता केवल निर्धारित पात्रता वाले उपभोक्ताओं के लिए है।

पीएम सूर्य घर योजना में कितनी सब्सिडी मिलेगी?

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर की क्षमता के आधार पर केंद्रीय सहायता निर्धारित की गई है। पहले 2 किलोवाट तक ₹30,000 प्रति किलोवाट और तीसरे किलोवाट के लिए ₹18,000 की सहायता दी जाती है। इस प्रकार अधिकतम केंद्रीय सब्सिडी ₹78,000 तक पहुंचती है।

Rooftop Solar CapacityCentral Subsidy
1 KW₹30,000
1.1 KW₹33,000
2 KW₹60,000
3 KW₹78,000
Above 3 KWMaximum ₹78,000

यदि कोई उपभोक्ता 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का सोलर प्लांट लगवाता है, तो केंद्रीय सब्सिडी ₹78,000 से आगे नहीं बढ़ती। यानी 4 किलोवाट या 5 किलोवाट का सिस्टम लगाने पर भी केंद्रीय सहायता की अधिकतम सीमा ₹78,000 ही रहेगी।

राजस्थान सरकार की ₹17,000 अतिरिक्त सहायता

राजस्थान में मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना से जुड़े निर्धारित पात्र उपभोक्ताओं के लिए 150 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जा रहा है। पात्र उपभोक्ता द्वारा कम से कम 1.1 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाने पर केंद्रीय सहायता के अतिरिक्त ₹17,000 की राज्य सहायता मिल सकती है।

यह ₹17,000 की सहायता सोलर सिस्टम की क्षमता बढ़ने के साथ अलग-अलग नहीं बढ़ती। यानी पात्र उपभोक्ता 1.1 किलोवाट, 2 किलोवाट या 3 किलोवाट का सिस्टम लगवाए, राज्य की अतिरिक्त सहायता निर्धारित सीमा के अनुसार ₹17,000 ही रहेगी।

पात्र उपभोक्ता को कुल कितनी राशि मिलेगी?

Solar CapacityCentral AssistanceRajasthan AssistanceTotal Assistance
1.1 KW₹33,000₹17,000₹50,000
2 KW₹60,000₹17,000₹77,000
3 KW or MoreUp to ₹78,000₹17,000Up to ₹95,000

ध्यान दें: ₹95,000 तक की सहायता केवल उन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है जो राजस्थान सरकार की संबंधित योजना की सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हैं। सामान्य घरेलू उपभोक्ता को केंद्रीय योजना के तहत मिलने वाली सहायता ही प्राप्त होगी।

₹17,000 की राज्य सहायता के लिए पात्रता

राजस्थान सरकार की अतिरिक्त सहायता प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता को निर्धारित शर्तों को पूरा करना आवश्यक है। प्रमुख पात्रता इस प्रकार है:

  • आवेदक घरेलू श्रेणी का बिजली उपभोक्ता होना चाहिए।
  • मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना में निर्धारित तरीके से पंजीकरण होना चाहिए।
  • सोलर पैनल लगाने के लिए अपनी छत या उपयुक्त परिसर उपलब्ध होना चाहिए।
  • कम से कम 1.1 किलोवाट क्षमता का ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना होगा।
  • संबंधित राजस्थान डिस्कॉम पोर्टल, बिजली मित्र ऐप या निर्धारित कार्यालय के माध्यम से सहमति देनी होगी।
  • पीएम सूर्य घर राष्ट्रीय पोर्टल पर भी आवेदन पूरा करना होगा।
  • सोलर सिस्टम पंजीकृत विक्रेता से लगवाना आवश्यक होगा।
  • इंस्टॉलेशन के बाद संबंधित डिस्कॉम द्वारा जांच और सत्यापन किया जाएगा।
  • उसी सोलर सिस्टम पर पहले किसी अन्य सरकारी सब्सिडी का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।

पात्रता के अनुसार लाभ मिलने पर उपभोक्ता को ₹17,000 की अतिरिक्त सहायता के साथ स्मार्ट मीटर की सुविधा भी दी जा सकती है। पात्रता की स्थिति संबंधित राजस्थान डिस्कॉम पोर्टल पर उपभोक्ता संख्या के माध्यम से जांची जा सकती है।

हर राजस्थानवासी को ₹95,000 की सब्सिडी नहीं मिलेगी

₹95,000 की कुल सहायता को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम हो सकता है। यह समझना जरूरी है कि राजस्थान में रहने वाला हर व्यक्ति ₹95,000 का लाभ नहीं ले सकता।

सामान्य घरेलू बिजली उपभोक्ता को पीएम सूर्य घर योजना के तहत अधिकतम ₹78,000 की केंद्रीय सहायता मिल सकती है। इसके अलावा ₹17,000 की राज्य सहायता सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगी जो राजस्थान सरकार की संबंधित 150 यूनिट योजना की पात्रता पूरी करते हैं।

इसलिए सोलर सिस्टम खरीदने या लगवाने से पहले अपने संबंधित डिस्कॉम पोर्टल पर पात्रता की स्थिति अवश्य जांच लें।

Rajasthan 150 Unit Free Electricity Scheme

राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को चरणबद्ध तरीके से 150 यूनिट प्रतिमाह तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। निर्धारित पात्रता वाले उपभोक्ता को अपने घर पर कम से कम 1.1 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाना पड़ सकता है।

योजना से जुड़े प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • पात्र परिवारों को 150 यूनिट प्रतिमाह तक निःशुल्क बिजली का लाभ।
  • 1.1 किलोवाट सोलर पर केंद्र से ₹33,000 की सहायता।
  • राजस्थान सरकार से ₹17,000 की अतिरिक्त सहायता।
  • पात्र उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर की सुविधा।
  • सोलर प्लांट का स्वामित्व उपभोक्ता के पास रहेगा।
  • बिजली की गणना नेट मीटरिंग व्यवस्था के अनुसार की जाएगी।

यदि किसी महीने बिजली की खपत निर्धारित 150 यूनिट से अधिक होती है, तो अतिरिक्त खपत और लागू शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है। योजना चरणबद्ध तरीके से लागू होने के कारण पोर्टल पर पात्रता प्रदर्शित होना महत्वपूर्ण है।

क्या 1.1 किलोवाट सोलर से हर महीने 150 यूनिट बिजली बनेगी?

1.1 किलोवाट के सोलर सिस्टम से हर महीने बिल्कुल समान मात्रा में बिजली पैदा होगी, ऐसा जरूरी नहीं है। बिजली उत्पादन पर धूप की उपलब्धता, मौसम, पैनल की दिशा, छाया, पैनल की सफाई और उपकरणों की गुणवत्ता जैसे कई कारकों का प्रभाव पड़ता है।

150 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना को सीधे हर महीने 150 यूनिट सोलर उत्पादन की गारंटी के रूप में नहीं समझना चाहिए। इसी तरह पीएम सूर्य घर योजना में 3 किलोवाट सिस्टम से 300 यूनिट तक बिजली बचत की बात संभावित उत्पादन से जुड़ी है। वास्तविक बचत और बिजली बिल प्रत्येक उपभोक्ता की खपत तथा सोलर उत्पादन के अनुसार अलग हो सकते हैं।

पीएम सूर्य घर योजना की सामान्य पात्रता

केंद्रीय योजना में आवेदन करने वाले उपभोक्ता के लिए सामान्य तौर पर निम्न शर्तें लागू होती हैं:

  • आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • घर पर सोलर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त छत उपलब्ध होनी चाहिए।
  • घर में वैध घरेलू बिजली कनेक्शन होना जरूरी है।
  • एक ही सोलर सिस्टम पर पहले किसी अन्य सरकारी सब्सिडी का लाभ नहीं लिया गया हो।
  • सोलर सिस्टम ग्रिड से जुड़ा होना चाहिए और संबंधित डिस्कॉम से सत्यापन आवश्यक होगा।

आवेदन से पहले जरूरी दस्तावेज और जानकारी

आवेदन शुरू करने से पहले नीचे दी गई जानकारी तैयार रखना उपयोगी रहेगा:

  • बिजली कनेक्शन संख्या या K नंबर
  • बिजली कनेक्शन से जुड़ा मोबाइल नंबर
  • चालू ईमेल आईडी
  • बैंक खाते की जानकारी
  • कैंसिल चेक
  • अपनी छत या परिसर से संबंधित आवश्यक सहमति
  • पोर्टल पर मांगे जाने वाले अन्य दस्तावेज

बैंक खाते और बिजली कनेक्शन की जानकारी ध्यान से भरें, क्योंकि सत्यापन के बाद पात्र सब्सिडी इसी खाते में भेजी जा सकती है।

Rajasthan Solar Panel Subsidy 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?

चरण 1: राजस्थान योजना में पात्रता देखें

सबसे पहले राजस्थान की 150 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना के पोर्टल पर जाएं। यहां अपना K नंबर अथवा बिजली उपभोक्ता क्रमांक दर्ज करके पात्रता की स्थिति जांचें।

यदि आप पात्र पाए जाते हैं, तो मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से आगे की प्रक्रिया पूरी करके सोलर सिस्टम लगाने के लिए सहमति जमा करें। निर्धारित स्थिति में यह प्रक्रिया बिजली मित्र ऐप या संबंधित डिस्कॉम कार्यालय के माध्यम से भी की जा सकती है।

चरण 2: पीएम सूर्य घर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें

इसके बाद पीएम सूर्य घर राष्ट्रीय पोर्टल पर जाएं। यहां अपना राज्य और संबंधित बिजली वितरण कंपनी चुनें। फिर उपभोक्ता क्रमांक, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी भरकर पंजीकरण पूरा करें।

चरण 3: रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करें

पंजीकरण के बाद उपभोक्ता संख्या और मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। अपनी आवश्यकता के अनुसार सोलर सिस्टम की क्षमता चुनें और ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें।

चरण 4: तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करें

आवेदन जमा होने के बाद संबंधित डिस्कॉम इसकी जांच करेगा। तकनीकी व्यवहार्यता की स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की इंस्टॉलेशन प्रक्रिया शुरू करना उचित रहेगा।

चरण 5: पंजीकृत विक्रेता का चयन करें

राष्ट्रीय पोर्टल पर उपलब्ध पंजीकृत विक्रेताओं में से अपनी जरूरत के अनुसार विक्रेता चुनें। विक्रेता की कीमत के साथ पैनल, इन्वर्टर, वारंटी और इंस्टॉलेशन में शामिल सुविधाओं की तुलना करें।

चरण 6: सोलर सिस्टम लगवाएं

चयनित विक्रेता निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाएगा। सब्सिडी प्राप्त करने के लिए निर्धारित मानकों और योग्य उपकरणों का उपयोग आवश्यक हो सकता है।

चरण 7: नेट मीटर के लिए आवेदन करें

सोलर सिस्टम लगने के बाद पोर्टल पर इंस्टॉलेशन से संबंधित जानकारी जमा करें और नेट मीटर के लिए आवेदन करें। इसके बाद संबंधित डिस्कॉम निरीक्षण और मीटर लगाने की प्रक्रिया पूरी करेगा।

चरण 8: कमीशनिंग प्रमाणपत्र प्राप्त करें

नेट मीटर लगाने और डिस्कॉम की जांच पूरी होने के बाद पोर्टल पर कमीशनिंग प्रमाणपत्र जारी किया जा सकता है। यह सब्सिडी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है।

चरण 9: बैंक खाते की जानकारी जमा करें

कमीशनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंक खाते की जानकारी और कैंसिल चेक जैसी आवश्यक जानकारी पोर्टल पर अपलोड करें। सत्यापन पूरा होने पर पात्र केंद्रीय सब्सिडी सीधे बैंक खाते में भेजी जा सकती है।

राजस्थान की ₹17,000 अतिरिक्त सहायता के लिए संबंधित डिस्कॉम पात्रता के आधार पर उपभोक्ता की जानकारी का मिलान करेगा। पात्रता और सत्यापन पूरा होने के बाद राज्य की सहायता भी डीबीटी के माध्यम से खाते में भेजी जा सकती है।

सोलर पैनल लगवाते समय इन बातों का ध्यान रखें

  • केवल राष्ट्रीय पोर्टल पर सूचीबद्ध पंजीकृत विक्रेता से ही सोलर सिस्टम लगवाएं।
  • तकनीकी स्वीकृति मिलने से पहले इंस्टॉलेशन शुरू करने से बचें।
  • लिखित कोटेशन में पैनल, इन्वर्टर, स्ट्रक्चर, अर्थिंग और नेट मीटरिंग की जानकारी देखें।
  • पैनल और इन्वर्टर की वारंटी लिखित रूप में जरूर लें।
  • छत पर पेड़, पानी की टंकी या आसपास की इमारतों से पड़ने वाली छाया की जांच करें।
  • विक्रेता से संभावित बिजली उत्पादन की जानकारी लें।
  • सब्सिडी को तत्काल मिलने वाली छूट न समझें; निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशि जारी होती है।
  • किसी अनजान व्यक्ति या विक्रेता के साथ ओटीपी, बैंक पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।

क्या सोलर पैनल के लिए लोन की सुविधा मिलती है?

पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट तक के आवासीय रूफटॉप सोलर के लिए बैंकों के माध्यम से रियायती ऋण की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार ब्याज दर और ऋण अवधि निर्धारित शर्तों के अनुसार हो सकती है। हालांकि वास्तविक ब्याज दर, ऋण स्वीकृति और अन्य नियम संबंधित बैंक की पात्रता एवं वर्तमान शर्तों पर निर्भर करेंगे।

इसलिए लोन लेने से पहले संबंधित बैंक से वर्तमान ब्याज दर, प्रोसेसिंग शुल्क, अवधि और पात्रता की जानकारी जरूर प्राप्त करें।

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