Pradhan Mantri Viksit Bharat Rojgar Yojana: प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना युवाओं को ₹15,000 तक और नियोक्ताओं को ₹3,000 तक का लाभ

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना 2026: देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को औपचारिक नौकरी से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) शुरू की है। इस योजना के माध्यम से पहली बार औपचारिक रोजगार प्राप्त करने वाले पात्र युवाओं को ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं नए रोजगार पैदा करने वाले पात्र नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन मिलेगा।

यह योजना उन युवाओं के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जो पहली बार ऐसी नौकरी में प्रवेश कर रहे हैं जिसमें उनका EPFO के तहत पंजीकरण होगा। साथ ही, कंपनियों और अन्य पात्र प्रतिष्ठानों को भी नए कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा।

आइए जानते हैं प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना क्या है, इसमें युवाओं को कितना पैसा मिलेगा, नियोक्ताओं को कितना लाभ मिलेगा, पात्रता क्या है और इसका लाभ कैसे प्राप्त किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना क्या है?

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार की रोजगार को बढ़ावा देने वाली योजना है। इसका उद्देश्य एक तरफ युवाओं को पहली बार औपचारिक रोजगार से जोड़ना है, वहीं दूसरी तरफ कंपनियों और प्रतिष्ठानों को नए लोगों को नौकरी देने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस योजना को Employment Linked Incentive (ELI) Scheme के रूप में लागू किया गया है। योजना के तहत 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित पात्र रोजगार को शामिल किया गया है। सरकार ने इस योजना के लिए लगभग ₹99,446 करोड़ का प्रावधान किया है। योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में नए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।

युवाओं को मिलेंगे ₹15,000 तक

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना में पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं के लिए आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। यदि कोई पात्र युवा पहली बार औपचारिक रोजगार में प्रवेश करता है और EPFO से जुड़ता है, तो उसे उसके एक महीने के EPF वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि मिल सकती है। इस राशि की अधिकतम सीमा ₹15,000 रखी गई है यह राशि नौकरी शुरू करते ही एक साथ नहीं दी जाएगी। सरकार ने इसे कर्मचारी के नौकरी में बने रहने से जोड़ा है।

₹15,000 दो किस्तों में मिलेंगे

योजना के तहत पात्र कर्मचारी को प्रोत्साहन राशि दो चरणों में मिलने का प्रावधान है।

पहली किस्त

  • कर्मचारी को निर्धारित पात्रता पूरी करते हुए 6 महीने की लगातार नौकरी पूरी करनी होगी।
  • इसके बाद पहली किस्त के रूप में ₹7,500 तक की राशि मिल सकती है।

दूसरी किस्त

  • कर्मचारी को कुल 12 महीने की नौकरी पूरी करनी होगी।
  • निर्धारित Financial Literacy Programme पूरा करना होगा।
  • आवश्यक शर्तें पूरी होने के बाद दूसरी किस्त के लिए पात्रता बनेगी।
  • दोनों किस्तों को मिलाकर कर्मचारी को अधिकतम ₹15,000 तक का लाभ मिल सकता है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी दिलाना ही नहीं, बल्कि उन्हें नौकरी में बने रहने और वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के लिए भी प्रोत्साहित करना है।

₹15,000 का लाभ किसे मिलेगा?

यह लाभ प्रत्येक नौकरी करने वाले व्यक्ति को नहीं मिलेगा। इसके लिए कर्मचारी को योजना में निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।

मुख्य पात्रता इस प्रकार है:

  • नौकरी 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच शुरू हुई हो।
  • कर्मचारी पहली बार EPFO के तहत आने वाले औपचारिक रोजगार में शामिल हो रहा हो।
  • कर्मचारी इससे पहले EPFO या Exempted Trust में योगदान करने वाला सदस्य नहीं रहा हो।
  • पहली बार EPFO या Exempted Trust में कर्मचारी का योगदान प्राप्त हुआ हो।
  • कर्मचारी का मासिक वेतन ₹1 लाख तक होना चाहिए।
  • पहली किस्त के लिए निर्धारित 6 महीने की लगातार सेवा पूरी करनी होगी।
  • दूसरी किस्त के लिए 12 महीने की सेवा पूरी करनी होगी।
  • दूसरी किस्त के लिए निर्धारित Financial Literacy Programme की शर्त पूरी करनी होगी।

इसलिए नौकरी लगने के बाद कर्मचारी को यह भी जांचना चाहिए कि उसका रोजगार योजना की निर्धारित शर्तों के अंतर्गत आता है या नहीं।

नियोक्ताओं को भी मिलेगा ₹3,000 तक का लाभ

इस योजना में सिर्फ कर्मचारियों को ही फायदा नहीं दिया गया है। सरकार ने नए रोजगार पैदा करने वाले नियोक्ताओं के लिए भी प्रोत्साहन का प्रावधान किया है। यदि कोई पात्र कंपनी या प्रतिष्ठान अपनी मौजूदा कर्मचारी संख्या में वृद्धि करके नए लोगों को रोजगार देता है और योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करता है, तो उसे प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन मिल सकता है। इससे कंपनियों को नए कर्मचारियों की नियुक्ति करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

नियोक्ताओं को कितने समय तक मिलेगा लाभ?

सामान्य पात्र नियोक्ताओं को नए रोजगार पैदा करने पर 2 वर्षों तक प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के पात्र प्रतिष्ठानों के लिए अतिरिक्त लाभ की व्यवस्था की गई है। ऐसे प्रतिष्ठानों को निर्धारित नियमों के अनुसार तीसरे और चौथे वर्ष में भी प्रोत्साहन मिल सकता है। इसका उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में लंबे समय तक रोजगार बढ़ाने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित करना है।

नियोक्ताओं के लिए कितने अतिरिक्त कर्मचारी जरूरी हैं?

योजना में नियोक्ताओं के लिए अतिरिक्त रोजगार से जुड़ी न्यूनतम शर्त भी रखी गई है।

  • 50 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान को कम से कम 2 अतिरिक्त कर्मचारी रखने होंगे।
  • 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान को कम से कम 5 अतिरिक्त कर्मचारी रखने होंगे।
  • अतिरिक्त कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार कम से कम 6 महीने तक बनाए रखना जरूरी होगा।

इसलिए केवल कर्मचारी की नियुक्ति करना पर्याप्त नहीं है। नियोक्ता को योजना की अन्य शर्तों का भी पालन करना होगा।

कर्मचारियों को पैसा कैसे मिलेगा?

योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि Direct Benefit Transfer यानी DBT के माध्यम से दी जाएगी। सरकार के अनुसार भुगतान के लिए Aadhaar Bridge Payment System (ABPS) का उपयोग किया जाएगा। इसलिए कर्मचारी को अपने आधार, बैंक खाते और EPFO से संबंधित जानकारी सही रखना जरूरी है।

UAN क्यों जरूरी है?

इस योजना में EPFO की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए UAN यानी Universal Account Number महत्वपूर्ण होगा। सरकार के अनुसार पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारी UMANG App में Face Authentication Technology के माध्यम से UAN जनरेट कर सकते हैं। UAN के माध्यम से कर्मचारी का EPFO रिकॉर्ड जुड़ता है और योजना के तहत पात्रता निर्धारित करने में यह जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है।

नियोक्ताओं को पैसा कैसे मिलेगा?

योजना के तहत पात्र नियोक्ताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि उनके PAN-linked बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए नियोक्ता को EPFO से संबंधित आवश्यक नियमों का पालन करना होगा और कर्मचारियों की जानकारी तथा संबंधित रिकॉर्ड समय पर अपडेट रखना होगा। नियोक्ता को योजना के तहत निर्धारित अतिरिक्त रोजगार की शर्त भी पूरी करनी होगी।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य क्या है?

इस योजना के माध्यम से सरकार रोजगार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों को पूरा करना चाहती है।

  • पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना।
  • युवाओं को EPFO और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने को बढ़ावा देना।
  • कंपनियों को नए कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए प्रोत्साहित करना।
  • देश में अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा करना।
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार को विशेष रूप से बढ़ावा देना।
  • युवाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ाना।
  • रोजगार को अधिक औपचारिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम करना।

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