ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बेघर परिवारों तथा कच्चे या जर्जर मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत मैदानी क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए ₹1.20 लाख, जबकि पूर्वोत्तर और निर्धारित पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की सहायता दी जाती है।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में 2 करोड़ अतिरिक्त पक्के मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही पात्रता से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया गया है। अब केवल दोपहिया वाहन या फ्रिज होने के कारण परिवार को स्वतः अपात्र नहीं माना जाएगा।
PM Awas Yojana Gramin 2026 Latest Update
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को हुई थी। योजना के पहले चरण में 2.95 करोड़ ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
अब योजना को मार्च 2029 तक जारी रखने का फैसला किया गया है और इसके तहत 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण मकानों को मंजूरी दी गई है। इस प्रकार PMAY-G का कुल लक्ष्य बढ़कर 4.95 करोड़ पक्के ग्रामीण मकान हो गया है।
12 अगस्त 2026 तक योजना के तहत 3.91 करोड़ से अधिक मकानों को स्वीकृति दी जा चुकी थी, जबकि करीब 3.13 करोड़ मकानों का निर्माण पूरा हो चुका था।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण |
| अंग्रेजी नाम | Pradhan Mantri Awaas Yojana-Gramin |
| शॉर्ट नाम | PMAY-G |
| संबंधित मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार |
| शुरुआत | 1 अप्रैल 2016 |
| वर्तमान अवधि | 2024-25 से 2028-29 |
| अतिरिक्त लक्ष्य | 2 करोड़ नए ग्रामीण मकान |
| कुल लक्ष्य | 4.95 करोड़ मकान |
| मैदानी क्षेत्र की सहायता | ₹1.20 लाख |
| पहाड़ी एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र | ₹1.30 लाख |
| शौचालय सहायता | ₹12,000 तक |
| न्यूनतम मकान आकार | 25 वर्गमीटर |
| लाभार्थी चयन | SECC-2011, स्थायी प्रतीक्षा सूची और Awaas+ सर्वे |
| भुगतान | DBT के जरिए बैंक/डाकघर खाते में |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmayg.dord.gov.in |
PM Awas Yojana Gramin का उद्देश्य
PMAY-G का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवारों को पक्का और सुरक्षित घर उपलब्ध करवाना है, जिनके पास रहने के लिए अपना पक्का मकान नहीं है या जो कच्ची दीवार और कच्ची छत वाले मकान में रह रहे हैं।
योजना के तहत बनने वाले घर का न्यूनतम क्षेत्रफल 25 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। इसमें खाना पकाने के लिए आवश्यक स्थान भी शामिल रहता है।
लाभार्थी स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध निर्माण सामग्री को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा उपलब्ध सुरक्षित आवास डिजाइनों में से उपयुक्त डिजाइन का चयन कर सकता है।
PM Awas Yojana Gramin में कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
| सहायता का प्रकार | राशि/लाभ |
|---|---|
| मैदानी क्षेत्र में मकान निर्माण | ₹1.20 लाख |
| पूर्वोत्तर एवं निर्धारित पहाड़ी क्षेत्र | ₹1.30 लाख |
| शौचालय निर्माण | ₹12,000 तक |
| अकुशल मजदूरी | 90 या 95 मानव-दिवस की निर्धारित मजदूरी |
| संस्थागत ऋण | पात्रता के अनुसार ₹70,000 तक |
| बिजली, पानी और LPG | संबंधित सरकारी योजनाओं के माध्यम से |
ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से जुलाई 2026 में स्पष्ट किया गया था कि मैदानी क्षेत्रों के लिए ₹1.20 लाख और पूर्वोत्तर व पहाड़ी क्षेत्रों के लिए ₹1.30 लाख की आवास सहायता लागू है।
शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के माध्यम से ₹12,000 तक की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है।
इसके अलावा मनरेगा अथवा संबंधित ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के अभिसरण से पात्र लाभार्थी को निर्धारित मजदूरी भी मिल सकती है। बिजली, पानी और LPG जैसी सुविधाएं संबंधित सरकारी योजनाओं के नियमों और उपलब्धता के आधार पर मिलती हैं।
इन सभी लाभों को मिलाकर लाभार्थी के खाते में एक साथ कोई निश्चित बड़ी रकम नहीं भेजी जाती।
PM Awas Yojana Gramin Eligibility: कौन पात्र है?
PMAY-G के लिए मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को पात्रता के आधार पर शामिल किया जाता है। सामान्य रूप से इन परिस्थितियों वाले परिवार योजना के दायरे में आ सकते हैं:
- परिवार ग्रामीण क्षेत्र में रहता हो।
- परिवार के पास अपना पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
- परिवार बेघर हो या कच्ची दीवार तथा कच्ची छत वाले शून्य, एक या दो कमरे के घर में रहता हो।
- परिवार संशोधित स्वतः अपात्रता की श्रेणी में नहीं आता हो।
- परिवार का नाम SECC-2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची या Awaas+ सर्वे में दर्ज हो।
- ग्राम सभा और संबंधित अधिकारियों द्वारा परिवार का सत्यापन किया गया हो।
- परिवार को पहले किसी अन्य सरकारी आवास योजना के माध्यम से पक्का मकान नहीं मिला हो।
सिर्फ गरीब या BPL परिवार होने से मकान की मंजूरी अपने आप नहीं मिलती। परिवार की आवास स्थिति, आय, संपत्ति और अन्य निर्धारित मानकों की जांच के बाद पात्रता तय की जाती है।
इन 10 कारणों से हो सकते हैं अपात्र
संशोधित नियमों के अनुसार निम्न में से कोई स्थिति होने पर परिवार स्वतः अपात्रता के दायरे में आ सकता है:
- परिवार के पास मोटरयुक्त तीन या चार पहिया वाहन हो।
- परिवार के पास मोटरयुक्त तीन या चार पहिया कृषि उपकरण हो।
- किसान क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट सीमा ₹50,000 या इससे अधिक हो।
- परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में हो।
- परिवार के नाम सरकार में पंजीकृत गैर-कृषि व्यवसाय हो।
- परिवार का कोई सदस्य हर महीने ₹15,000 से ज्यादा कमाता हो।
- परिवार का कोई सदस्य आयकर का भुगतान करता हो।
- परिवार का कोई सदस्य प्रोफेशनल टैक्स देता हो।
- परिवार के पास 2.5 एकड़ या इससे ज्यादा सिंचित जमीन हो।
- परिवार के पास 5 एकड़ या इससे ज्यादा असिंचित जमीन हो।
इसके अलावा ऐसे परिवार जिनके मकान में पक्की छत या पक्की दीवार है अथवा जिनके घर में दो से अधिक कमरे हैं, उन्हें पात्र परिवारों की सूची से बाहर किया जा सकता है।
बाइक या फ्रिज होने पर PM Awas मिलेगा या नहीं?
नियमों में किए गए बदलाव के बाद मोटरयुक्त दोपहिया वाहन, मोटरयुक्त मछली पकड़ने वाली नाव, लैंडलाइन फोन और फ्रिज को स्वतः अपात्रता का आधार नहीं माना गया है।
इसलिए केवल बाइक, स्कूटर या फ्रिज होने से परिवार PMAY-G के लिए सीधे अपात्र नहीं हो जाता। हालांकि बाकी सभी पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
मासिक आय की सीमा में भी बदलाव किया गया है। पहले ₹10,000 की सीमा थी, जिसे बढ़ाकर ₹15,000 प्रतिमाह किया गया है।
PMAY-G में लाभार्थी का चयन कैसे होता है?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में सामान्य तरीके से ऑनलाइन फॉर्म भरने मात्र से मकान स्वीकृत नहीं होता। लाभार्थी चयन की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है।
- SECC-2011 में दर्ज आवास संबंधी अभाव के आंकड़ों के आधार पर परिवारों की पहचान की जाती है।
- छूटे हुए पात्र परिवारों को Awaas+ सर्वे के माध्यम से शामिल किया जाता है।
- सर्वे में परिवार की सामाजिक, आर्थिक और आवास संबंधी जानकारी दर्ज होती है।
- वर्तमान मकान और निर्माण स्थल की जियो-टैग फोटो ली जाती है।
- अधिकृत सर्वेयर द्वारा स्व-सर्वे की जानकारी का सत्यापन किया जाता है।
- मनरेगा जॉब कार्ड से संबंधित जानकारी की जांच की जाती है।
- पात्र परिवारों की सूची ग्राम सभा के समक्ष रखी जाती है।
- अपीलीय समिति की जांच के बाद अंतिम सूची तैयार की जाती है।
- राज्य को प्राप्त लक्ष्य और प्राथमिकता के आधार पर मकान स्वीकृत किए जाते हैं।
- स्वीकृति के बाद लाभार्थी को पंजीकरण संख्या और अन्य जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
ध्यान रखें कि Awaas+ सर्वे में नाम आ जाना मकान की अंतिम मंजूरी नहीं है। सर्वे, ग्राम सभा सत्यापन, अंतिम सूची और मकान की स्वीकृति अलग-अलग चरण हैं।
PM Awas Yojana Gramin के लिए आवेदन कैसे करें?
PMAY-G में पूरे साल खुला रहने वाला कोई सामान्य राष्ट्रीय आवेदन फॉर्म नहीं है। पात्र परिवारों की पहचान मुख्य रूप से Awaas+ सर्वे के माध्यम से की जाती है।
1. सहायता प्राप्त सर्वे
ग्राम पंचायत द्वारा अधिकृत सर्वेयर पात्र परिवार के घर पहुंचकर आवश्यक जानकारी दर्ज करता है। इसमें परिवार के सदस्यों, वर्तमान मकान और प्रस्तावित निर्माण स्थल की जानकारी के साथ जियो-टैग फोटो भी शामिल होती है।
2. Awaas+ App से Self Survey
जहां स्व-सर्वे की सुविधा चालू है, वहां पात्र परिवार Awaas+ 2024 ऐप के माध्यम से स्वयं सर्वे कर सकता है।
स्व-सर्वे की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
- PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट से Awaas+ 2024 और Aadhaar Face RD ऐप डाउनलोड करें।
- आधार आधारित फेस ई-केवाईसी के जरिए लॉगिन करें।
- राज्य, जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और गांव का चयन करें।
- परिवार के सभी सदस्यों की आवश्यक जानकारी भरें।
- परिवार में महिला सदस्य होने पर उसे संभावित लाभार्थी के रूप में चुनें।
- चयनित लाभार्थी का आधार फेस ई-केवाईसी पूरा करें।
- उपलब्ध होने पर बैंक खाते की जानकारी दर्ज करें।
- वर्तमान मकान से जुड़े पात्रता संबंधी सवालों के जवाब दें।
- घर और प्रस्तावित निर्माण स्थल की जियो-टैग व टाइम-स्टैम्प फोटो लें।
- सभी जानकारी जांचने के बाद घोषणा स्वीकार करके सर्वे अपलोड करें।
स्व-सर्वे अपलोड होने के बाद ग्राम पंचायत के अधिकृत सर्वेयर और संबंधित अधिकारियों द्वारा इसकी जांच की जाती है। इसके बाद ग्राम सभा और अपीलीय समिति के स्तर पर भी सत्यापन किया जाता है।
ध्यान दें: Awaas+ सर्वे की अंतिम तारीख सभी राज्यों में एक जैसी नहीं होती। ऐप दिखाई देने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि आपके राज्य या ग्राम पंचायत में नया सर्वे अभी खुला हुआ है। सही जानकारी के लिए ग्राम पंचायत या विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें।
Awaas+ सर्वे के लिए कौन-कौन सी जानकारी चाहिए?
सर्वे शुरू करने से पहले ये जानकारी तैयार रखना उपयोगी रहेगा:
- परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर
- चालू मोबाइल नंबर
- संभावित लाभार्थी की आधार फेस ई-केवाईसी
- बैंक या डाकघर खाते की जानकारी
- मनरेगा जॉब कार्ड की जानकारी
- परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक जानकारी
- वर्तमान मकान की स्थिति
- प्रस्तावित मकान निर्माण स्थल की जानकारी
बैंक खाते की जानकारी सर्वे के समय उपलब्ध न होने पर इसे बाद में पूरा किया जा सकता है। लेकिन सहायता राशि प्राप्त करने के लिए सही बैंक या डाकघर खाता और आधार आधारित भुगतान व्यवस्था जरूरी होगी।
PM Awas Yojana Gramin List 2026 कैसे देखें?
PMAY-G की लाभार्थी सूची किसी एक राष्ट्रीय PDF में जारी नहीं होती। आधिकारिक पोर्टल पर राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत के आधार पर रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाते हैं।
Registration Number से स्टेटस चेक करें
- PMAY-G का आधिकारिक Beneficiary Details पेज खोलें।
- Registration Number या Beneficiary ID दर्ज करें।
- कैप्चा भरें।
- Submit करने के बाद लाभार्थी का विवरण और मकान से जुड़ी जानकारी देखें।
Registration Number नहीं है तो क्या करें?
अगर आपके पास रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है तो आधिकारिक पंचायतवार स्थायी प्रतीक्षा सूची में राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करके रिकॉर्ड देखा जा सकता है।
इसके अलावा संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय में उपलब्ध स्वीकृत लाभार्थियों की सूची भी देखी जा सकती है।
यह समझना जरूरी है कि प्रतीक्षा सूची में नाम होना और मकान स्वीकृत होना दो अलग-अलग बातें हैं। अंतिम स्वीकृति राज्य को मिले लक्ष्य, प्राथमिकता क्रम और प्रशासनिक मंजूरी के आधार पर होती है।
PMAY-G की किस्त कैसे जारी होती है?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की आवास सहायता DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है।
भुगतान मकान निर्माण की प्रगति से जुड़ा होता है। निर्माण के अलग-अलग चरण पूरे होने पर AwaasApp के जरिए जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प फोटो अपलोड की जाती हैं। सत्यापन के बाद अगली किस्त जारी की जाती है।
किस्तों की संख्या और प्रत्येक किस्त की राशि राज्यों के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए पूरे देश के लिए पहली, दूसरी और तीसरी किस्त की एक समान राशि बताना उचित नहीं होगा।
लाभार्थी Registration Number, PFMS ID या FTO Number की मदद से आधिकारिक पोर्टल पर भुगतान की स्थिति देख सकता है।
राजस्थान में PMAY-G की स्थिति
राजस्थान मैदानी क्षेत्र की श्रेणी में आता है। इसलिए पात्र ग्रामीण परिवारों को मकान निर्माण के लिए ₹1.20 लाख की इकाई सहायता दी जाती है।
जून 2026 तक राजस्थान में PMAY-G की संचयी स्थिति इस प्रकार थी:
| स्थिति | मकानों की संख्या |
|---|---|
| स्वीकृत मकान | 24,31,970 |
| पूर्ण मकान | 19,94,840 |
| निर्माण के लिए शेष स्वीकृत मकान | 4,37,130 |
PM Awas Yojana Gramin में ध्यान रखने वाली बातें
- Awaas+ सर्वे में नाम जुड़ना मकान की अंतिम स्वीकृति नहीं है।
- किसी अनजान वेबसाइट पर आधार या बैंक खाते की जानकारी साझा न करें।
- केवल .gov.in वाली आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी ऐप का इस्तेमाल करें।
- मकान स्वीकृत कराने या सर्वे में नाम जोड़ने के नाम पर किसी को अनधिकृत पैसा न दें।
- PMAY-G केवल ग्रामीण क्षेत्र के लिए है। शहरी परिवारों के लिए PMAY-Urban अलग योजना है।
- सोशल मीडिया पर बताई जाने वाली ₹2.50 लाख या ₹3 लाख की राशि को PMAY-G की सामान्य आवास सहायता न समझें।
- ग्रामीण योजना में केंद्रीय आवास सहायता सामान्य रूप से मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख और पूर्वोत्तर/निर्धारित पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख है।
PM Awas Yojana Gramin 2026 Important Links
| Beneficiary ID से स्टेटस देखें | Click Here |
| पंचायतवार स्थायी प्रतीक्षा सूची | Click Here |
| राज्यवार किस्त विवरण | Click Here |
| FTO/PFMS भुगतान ट्रैकिंग | Click Here |
| Official Website | pmayg.dord.gov.in |
