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Kisan Karaj Mafi: चुनाव से पहले सरकार का बड़ा फैसला किसानों का कर्ज माफ करने के लिए कृषक ऋण राहत आयोग का गठन

राज्य कृष्ण आयोग का गठन कर दिया गया है आयोग में एक अध्यक्ष और 4 सदस्य मनोनीत किए गए हैं जो किसान ऋण नहीं चुका पा रहे हैं उनके लोन माफ के लिए यह आयोग बनाया गया है सरकार की तरफ से राज्य कृषक राहत आयोग विजय 2023 पास किया गया है।

अब किसानों के के लिए बड़ी खुशखबरी निकाल कर सामने आई है अब कोई भी बैंक किसानों को लोन चुकाने के लिए परेशान नहीं कर सकता ना ही किसान की जमीन कुर्की कर पाएगा जी हां सही सुन रहे हैं आप शुक्रवार शाम को सरकार ने राज्य कृषक ऋण राहत आयोग का गठन कर दिया है आयोग में एक अध्यक्ष और चार सदस्य मनोनीत किए गए हैं यहां पर आपको बता दें कि सरकार की तरफ से 2 अगस्त को विधानसभा में राज्य कृषक ऋण राहत आयोग विधेयक 2023 को पहले ही पारित कर दिया था।

जैसा कि आप सभी को पता है कि भारत में 80% से ज्यादा आबादी खेती बारे में निर्भर करती है और गरीबों के कारण किसान जो कर्ज लेते हैं वह समय पर चुका नहीं पाते हैं लेकिन अब आपको चिंता की कोई जरूरत नहीं है सरकार ने ऐसा कानून बनाया है जिसके बाद में आपका कर्ज भी माफ किया जाएगा।

Kisan Karaj Mafi
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सरकार की तरफ से इसमें सदस्यों को मनोनीत कर दिया है सरकार ने इसकी विश्वासमिता बनाए रखने के लिए सेवानिवृत न्यायाधिपति प्रकाशचंद गुप्ता को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है इसके अलावा सेवानिवृत्त आईएएस पीके गोयल, महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एस एन राठौर, हरि कुमार गोदारा एवं सुनील गायक को आयोग का सदस्य मनोनीत किया गया है।

आयोग के गठन के बाद में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों के हित में कई फैसले लिए हैं गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार ने अब तक 21 लाख से अधिक किसानों के लगभग 15 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज माफ किया है।

बैंकों से कर्ज माफ करने की प्रक्रिया

आयोग का पहला काम राज्य सरकार ने प्राकृतिक एवं अन्य आपदाओं से हुए नुकसान के कारण समय पर चुकाने वाले किसानों को राहत देने में उनकी जमीन की कुर्की को बचाने के लिए यह आयोग बनाया गया है सरकार के द्वारा किसान कर्ज राहत आयोग को कई पावर दिए गए हैं अगर किसी इलाके में फसल खराब हो जाती है जिसकी वजह से किस बैंकों से लिया हुआ कर्ज नहीं चुका पाते हैं ऐसी स्थिति में आयोग उस क्षेत की स्थिति को देखते हुए राहत देने का अधिकार प्रदान करेगा।

किसान कर्ज ऋण राहत आयोग के द्वारा कोई भी निर्णय लेने के बाद में उसको सिविल कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकेगी ऐसी स्थिति में किसान कर्ज राहत आयोग सिविल कोर्ट के बराबर शक्तियां दी जाएगी किसान कर्ज राहत आयोग के द्वारा समय-समय पर किसानों को राहत प्रदान करने के लिए फील्ड में जाकर यानी जिलों में जाकर अपनी बैठक आयोजित करवाई जाएगी आयु के द्वारा अगर यह महसूस किया जाता है कि इलाके में संकटग्रस्त है जहां पर फसल खराब हुई है तो वहां के किसानों के पक्ष में निर्णय ले सकेगा।

किसान कर्ज माफी आयोग के द्वारा सेंट्रलाइज बैंकों और कमर्शल बैंकों के लिए किसानों को कर्ज को रिस्टोर करने और कर्ज माफी को लेकर आदेश भी जारी किया जा सकता है इसमें शॉर्ट टर्म लोन और मिड टर्म लोन या लोंग टर्म लोन बदलने के लिए भी रीशेड्यूल किया जा सकता है ऐसे हालात में अयोग्य ब्याज माफी की भी सिफारिश कर सकता है।

कर्ज माफी के लिए आवेदन प्रक्रिया

किसान कर्ज माफी के लिए सरकार के द्वारा विधानसभा में कानून पारित होने के बाद में इसमें अध्यक्ष व अन्य सदस्य भी मनोनीत कर दिए हैं अब कोई भी किसान किसान कर्ज राहत आयोग के सामने अपना आवेदन कर सकता है अगर उसकी स्थिति गंभीर हैं और आयोग को ऐसा लगता है कि उसे रात की जरूरत है तो आयोग के द्वारा ऐसा निर्णय लिया जा सकता है उसे छूट प्रदान की जा सकती है।

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इस प्रकार अब राज्य में किसान ऋण राहत आयोग का गठन कर दिया गया है और किसी भी किसान के जमीन पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं होगा और नहीं उसकी जमीन की नीलामी होगी धीरे-धीरे यह प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है जल्दी किसानों को इससे लाभ मिलने वाला है।

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