B.Ed Bridge Course: छत्तीसगढ़ के करीब 74 हजार सेवारत सहायक शिक्षकों, शिक्षकों और व्याख्याताओं के लिए बीएड ब्रिज कोर्स शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। शिक्षकों की मांग और आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के हस्तक्षेप के बाद इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
बीएड ब्रिज कोर्स के प्रस्ताव पर काम शुरू
प्रदेश के हजारों सेवारत शिक्षकों के लिए बीएड ब्रिज कोर्स शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से ब्रिज कोर्स संचालित करने के प्रस्ताव पर अधिकारियों ने प्रारंभिक मसौदा तैयार करना शुरू कर दिया है।
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो लंबे समय से नियमित बीएड करने में कठिनाई का सामना कर रहे सेवारत शिक्षकों को बड़ी राहत मिल सकती है।
नियमित बीएड करना शिक्षकों के लिए मुश्किल
वर्तमान व्यवस्था में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से शासकीय, अशासकीय और अन्य अभ्यर्थियों को दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाता है। सेवारत शिक्षकों के लिए नौकरी के साथ दो वर्षों तक नियमित रूप से अध्ययन करना व्यावहारिक रूप से कठिन होता है।
इसी वजह से शिक्षक संगठन लंबे समय से ऐसा विकल्प उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, जिससे नौकरी प्रभावित किए बिना आवश्यक बीएड प्रशिक्षण पूरा किया जा सके।
लंबे अवकाश की समस्या भी होगी कम
यदि सेवारत शिक्षकों को नियमित दो वर्षीय बीएड करना पड़ता है, तो उन्हें लंबे समय तक स्कूल से अवकाश लेना पड़ सकता है। इससे विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और पढ़ाई की व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना रहती है।
बीएड ब्रिज कोर्स शुरू होने से इस समस्या का समाधान निकालने में मदद मिल सकती है और शिक्षकों को अपनी सेवा जारी रखते हुए पाठ्यक्रम पूरा करने का अवसर मिल सकता है।
74 हजार शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती
प्रदेश में करीब 74 हजार सेवारत सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता इस व्यवस्था से लाभान्वित हो सकते हैं। हालांकि, इतने बड़े स्तर पर ब्रिज कोर्स संचालित करना शिक्षा विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण भी होगा।
इसके लिए पर्याप्त अध्ययन केंद्र, प्रशिक्षण व्यवस्था, पाठ्यक्रम और प्रवेश प्रक्रिया तैयार करनी होगी। सरकार और संबंधित विश्वविद्यालय को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सभी पात्र शिक्षकों तक योजना का लाभ आसानी से पहुंच सके।
शिक्षकों को अंतिम मंजूरी का इंतजार
फिलहाल ब्रिज कोर्स शुरू करने की दिशा में प्रस्ताव और मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। अब शिक्षकों की नजर सरकार की अंतिम मंजूरी और आगे जारी होने वाले आधिकारिक आदेश पर है।
अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है और बीएड ब्रिज कोर्स लागू किया जाता है, तो छत्तीसगढ़ के करीब 74 हजार सेवारत शिक्षकों के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकता है।
