Rajasthan Board 10th Exam 2027: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक एवं प्रवेशिका परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड की ओर से 5 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यालय आदेश में बताया गया है कि अब एक ही शैक्षणिक सत्र में माध्यमिक स्तर की परीक्षाएं दो अलग-अलग चरणों में आयोजित की जाएंगी। पहली परीक्षा मुख्य परीक्षा होगी, जबकि दूसरी परीक्षा सुधारात्मक परीक्षा के रूप में आयोजित की जाएगी। मुख्य परीक्षा में शामिल होना विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य रहेगा। वहीं पात्र विद्यार्थियों को अपने परिणाम या अंकों में सुधार के लिए दूसरी परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।
यह नई व्यवस्था विद्यार्थियों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने का अतिरिक्त अवसर देने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। बोर्ड ने दूसरी परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की पात्रता, विषयों की संख्या, प्रायोगिक परीक्षा, परिणाम तैयार करने तथा कक्षा 11 में प्रवेश से संबंधित कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
Rajasthan Board 10th Exam 2027 Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बोर्ड | माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर |
| शैक्षणिक सत्र | 2026-27 |
| परीक्षा | माध्यमिक एवं प्रवेशिका परीक्षा |
| मुख्य परीक्षा | अनिवार्य |
| दूसरी परीक्षा | सुधारात्मक परीक्षा |
| परीक्षा की संख्या | एक सत्र में दो अवसर |
| सुधार का अवसर | निर्धारित पात्र विद्यार्थियों को |
| पाठ्यक्रम | मुख्य परीक्षा के अनुसार |
| आदेश की तारीख | 5 अक्टूबर 2026 |
Rajasthan Board 10th Exam 2027 Latest News
राजस्थान बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक एवं प्रवेशिका परीक्षा को दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया है। बोर्ड के आदेश के अनुसार दोनों परीक्षाएं एक ही शैक्षणिक सत्र में आयोजित होंगी। पहली मुख्य परीक्षा में शामिल होना सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य रहेगा। BSER 10th Board Exam New Guidel…
मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थियों को यदि अपने अंकों में सुधार करना है तो वे दूसरी यानी सुधारात्मक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इस प्रकार विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम में सुधार करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
मुख्य परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के लिए पहली मुख्य परीक्षा में शामिल होना जरूरी होगा। केवल दूसरी परीक्षा के भरोसे विद्यार्थी मुख्य परीक्षा से अनुपस्थित नहीं रह सकते। मुख्य परीक्षा को शैक्षणिक सत्र की नियमित परीक्षा माना जाएगा और इसी परीक्षा के आधार पर आगे की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।
दूसरी सुधारात्मक परीक्षा में कौन शामिल हो सकेगा?
मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थी अपने अंकों में सुधार के लिए दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इसके अलावा जिन विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार दूसरी परीक्षा में शामिल होने की पात्रता होगी, उन्हें भी यह अवसर दिया जाएगा।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूसरी परीक्षा में शामिल होने के लिए विषयों की संख्या और विद्यार्थी की स्थिति के संबंध में निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। इसलिए केवल मुख्य परीक्षा देने के बाद प्रत्येक विद्यार्थी को स्वतः दूसरी परीक्षा में शामिल होने का अधिकार नहीं होगा।
कितने विषयों में सुधार का मौका मिलेगा?
बोर्ड की नई व्यवस्था में विद्यार्थियों को सीमित विषयों में प्रदर्शन सुधारने का अवसर दिया गया है। आदेश में सुधारात्मक परीक्षा के लिए विषयों और पात्रता से संबंधित विस्तृत नियम दिए गए हैं।
जो विद्यार्थी मुख्य परीक्षा में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार दूसरी परीक्षा में अवसर मिल सकता है। वहीं यदि विद्यार्थी मुख्य परीक्षा में निर्धारित संख्या से अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण रहता है तो वह सुधारात्मक परीक्षा के लिए पात्र नहीं होगा।
तीन या अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण होने पर क्या होगा?
बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि कोई विद्यार्थी मुख्य परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण रहता है अथवा निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक अंक प्राप्त नहीं करता है, तो उसे सुधारात्मक परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
ऐसे विद्यार्थियों के लिए बोर्ड ने अलग परिणाम श्रेणी और आगामी परीक्षा से संबंधित व्यवस्था निर्धारित की है। इसलिए विद्यार्थियों के लिए मुख्य परीक्षा में अधिक से अधिक विषयों में सफलता प्राप्त करना महत्वपूर्ण रहेगा।
प्रायोगिक परीक्षा को लेकर भी नियम
बोर्ड ने प्रायोगिक विषयों के लिए भी अलग दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा निर्धारित है, उनमें विद्यार्थी को मुख्य परीक्षा और प्रायोगिक परीक्षा से संबंधित आवश्यक शर्तों को पूरा करना होगा।
प्रायोगिक परीक्षा में निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करना आवश्यक होगा। बोर्ड ने प्रायोगिक परीक्षा में विद्यार्थियों की उपस्थिति और प्राप्त अंकों को परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया से जोड़ा है।
मुख्य और सुधारात्मक परीक्षा में पाठ्यक्रम समान रहेगा
बोर्ड के आदेश के अनुसार दोनों परीक्षाएं निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर आयोजित की जाएंगी। सुधारात्मक परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को अलग से कोई नया पाठ्यक्रम नहीं दिया जाएगा। परीक्षा योजना में मुख्य परीक्षा और सुधारात्मक परीक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं।
परिणाम किस परीक्षा के आधार पर बनेगा?
सुधारात्मक परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों के परिणाम को लेकर भी बोर्ड ने व्यवस्था स्पष्ट की है। विद्यार्थी द्वारा मुख्य परीक्षा और सुधारात्मक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर निर्धारित नियमों के अनुसार परिणाम तैयार किया जाएगा।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने प्रदर्शन में सुधार का अवसर देना है। यदि विद्यार्थी दूसरी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करता है तो बोर्ड द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार उसके परिणाम में उसका लाभ दिया जाएगा।
कक्षा 11 में प्रवेश को लेकर महत्वपूर्ण नियम
मुख्य परीक्षा के परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों को आगे कक्षा 11 में प्रवेश दिया जाएगा। बोर्ड ने कक्षा 11 में प्रवेश के लिए विषय चयन और परिणाम से संबंधित आवश्यक नियम भी जारी किए हैं।
विद्यार्थियों को आगे की कक्षा में प्रवेश लेते समय अपने परीक्षा परिणाम और बोर्ड द्वारा निर्धारित पात्रता का ध्यान रखना होगा। संबंधित विद्यालयों को भी विद्यार्थियों के प्रवेश के दौरान बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
विद्यार्थियों के लिए नई व्यवस्था का क्या फायदा होगा?
नई व्यवस्था से उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा जो मुख्य परीक्षा में अपेक्षित अंक प्राप्त नहीं कर पाते हैं लेकिन सीमित विषयों में अपने प्रदर्शन को बेहतर करना चाहते हैं। उन्हें अगले पूरे शैक्षणिक वर्ष का इंतजार किए बिना निर्धारित दूसरी परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सकेगा।
बोर्ड ने इस व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रदर्शन सुधारने का अतिरिक्त अवसर देने की व्यवस्था की है। हालांकि दूसरी परीक्षा के लिए पात्रता और विषयों की संख्या से संबंधित नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
