राजस्थान में खरीफ फसल वर्ष 2026 को लेकर किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राजस्थान सरकार के आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने सूखे की स्थिति को देखते हुए प्रदेश के 13 जिलों की कुल 53 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। इनमें 44 तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त और 9 तहसीलों को मध्यम सूखाग्रस्त श्रेणी में रखा गया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में प्रभावित तहसीलों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इस सूची में बाड़मेर और जालौर जिले की सबसे अधिक 9-9 तहसीलें गंभीर सूखाग्रस्त घोषित की गई हैं। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों के किसानों के लिए यह अधिसूचना काफी महत्वपूर्ण है।
राजस्थान सूखाग्रस्त तहसील सूची 2026
राजस्थान सरकार ने खरीफ फसल वर्ष 2026 (संवत 2083) में सूखे की स्थिति को देखते हुए यह अधिसूचना जारी की है। इसमें कुल 13 जिलों की 53 तहसीलों को शामिल किया गया है। इनमें 44 तहसीलें गंभीर सूखाग्रस्त और 9 तहसीलें मध्यम सूखाग्रस्त हैं। अधिसूचना के अनुसार, संबंधित प्रावधान निर्धारित शर्तों के तहत छह माह तक लागू रहेंगे।
राजस्थान की गंभीर सूखाग्रस्त तहसीलों के नाम
बांसवाड़ा जिला: बांसवाड़ा जिले की गढ़ी और अर्धूना तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।
बाड़मेर जिला: बाड़मेर जिले की गडरारोड, चौहटन, बाड़मेर, बायतु, सेड़वा, रामसर, शिव, धानाऊ और बाड़मेर ग्रामीण तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त श्रेणी में शामिल किया गया है। इस जिले की कुल 9 तहसीलें सूची में हैं।
बालोतरा जिला: बालोतरा जिले की गुड़ामालानी, कल्याणपुर और पचपदरा तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।
चूरू जिला: चूरू जिले की राजगढ़ तहसील को गंभीर सूखाग्रस्त श्रेणी में रखा गया है।
डूंगरपुर जिला: डूंगरपुर जिले की आसपुर, गलियाकोट, झौथरीपाल और सागवाड़ा तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।
जैसलमेर जिला: जैसलमेर जिले की फतेहगढ़, भणियाणा, सम और रामगढ़ तहसीलें गंभीर सूखाग्रस्त सूची में शामिल हैं।
जालौर जिला: जालौर जिले की आहोर, चितलवाना, जसवंतपुरा, बागोड़ा, भीनमाल, रानीवाड़ा, सांचौर, सायला और मंडार तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। इस जिले की कुल 9 तहसीलें सूची में शामिल हैं।
जोधपुर जिला: जोधपुर जिले की ओसियां, तिवरी, बालेसर, बावड़ी, शेरगढ़ और शेखाला तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त श्रेणी में रखा गया है।
फलोदी जिला: फलोदी जिले की फलोदी, बाप, बापिणी और आउ तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।
पाली जिला: पाली जिले की सुमेरपुर तहसील को गंभीर सूखाग्रस्त श्रेणी में शामिल किया गया है।
सिरोही जिला: सिरोही जिले की शिवगंज तहसील को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।
राजस्थान की मध्यम सूखाग्रस्त तहसीलों के नाम
सरकार की अधिसूचना में 9 तहसीलों को मध्यम सूखाग्रस्त श्रेणी में रखा गया है। इनमें बांसवाड़ा जिले की सज्जनगढ़ तहसील, डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा, पालदेवल और ओबरी तहसीलें, ब्यावर जिले की रायपुर तहसील, जैसलमेर जिले की जैसलमेर तहसील, जोधपुर जिले की पीपाड़ शहर तहसील, फलोदी जिले की सेतरावा तहसील और नागौर जिले की खींवसर तहसील शामिल हैं।
बाड़मेर और जालौर की सबसे अधिक तहसीलें सूखाग्रस्त
राजस्थान सरकार की जारी अधिसूचना में बाड़मेर और जालौर जिले की सबसे अधिक 9-9 तहसीलों को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। बाड़मेर जिले में गडरारोड, चौहटन, बाड़मेर, बायतु, सेड़वा, रामसर, शिव, धानाऊ और बाड़मेर ग्रामीण शामिल हैं। वहीं जालौर जिले में आहोर, चितलवाना, जसवंतपुरा, बागोड़ा, भीनमाल, रानीवाड़ा, सांचौर, सायला और मंडार तहसीलें शामिल हैं।
सूखाग्रस्त घोषित होने पर किसानों को क्या लाभ मिलेगा?
सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी राहत और सहायता से जुड़े प्रावधान लागू हो सकते हैं। हालांकि, केवल तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने से प्रत्येक किसान को स्वतः मुआवजा मिलने की गारंटी नहीं होती। मुआवजे की पात्रता फसल खराबे के सर्वेक्षण, संबंधित योजना और सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगी। प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्र के पटवारी, तहसील कार्यालय या कृषि विभाग से संपर्क करके फसल खराबे के सर्वेक्षण और संभावित राहत सहायता की जानकारी प्राप्त करें।
